Diabetes Kya Hai, डायबिटीज़ कैसे होती है? – डायबिटीज़ के लक्षण और उपाय हिंदी में!पूरी जानकारी

Diabetes Kya Hai, डायबिटीज़ कैसे होती है? – डायबिटीज़ के लक्षण और उपाय हिंदी में!पूरी जानकारी
Diabetes Kya Hai, डायबिटीज़ कैसे होती है? – डायबिटीज़ के लक्षण और उपाय हिंदी में!पूरी जानकारी

Diabetes Kya Hai, डायबिटीज़ कैसे होती है? – डायबिटीज़ के लक्षण और उपाय हिंदी में!पूरी जानकारी

Diabetes (मधुमेह):

Diabetes(मधुमेह) एक metabolic disorder है जो तब होता है जब आपका blood sugar (ग्लूकोज) बहुत अधिक होता है(hyperglycemia)। Glucose वही है जो शरीर ऊर्जा के लिए उपयोग करता है, और अग्न्याशय(pancreas) इंसुलिन नामक हार्मोन पैदा करता है जो ग्लूकोज को ऊर्जा में खाने वाले भोजन से परिवर्तित करने में मदद करता है। जब शरीर या तो पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है, किसी भी उत्पादन नहीं करता है, या आपका शरीर इंसुलिन के लिए प्रतिरोधी हो जाता है, ग्लूकोज ऊर्जा के लिए उपयोग किए जाने के लिए आपकी कोशिकाओं तक नहीं पहुंचता है। इसके परिणामस्वरूप स्वास्थ्य की स्थिति को मधुमेह(Diabetes) कहा जाता है।

मोटापा(Fat), कैंसर(Cancer), डायबिटीज(Diabetes), ब्लड प्रेशर(Blood Pressure), कब्ज, बवासीर, हार्ट अटैक(Heart Attac) जैसी बीमारियां आजकल आम देखने को मिल रहीं है। इसकी एक वजह यह भी है कि लोग डाइट में फाइबर युक्त चीजों का कम सेवन करते हैं। मगर आपको बता दें कि फाइबर की कमी से आप कई बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। ऐसे में स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है कि आप भरपूर मात्रा में फाइबर का सेवन करें। एक्सपर्ट के मुताबिक, प्रतिदिन लगभग 35 ग्राम फाइबर लेना जरूरी होता है। वहीं 50 साल के कम उम्र वाले पुरुषों को 38 ग्राम और महिलाओं को 25 ग्राम फाइबर लेना चाहिए। इसके अलावा 50 साल से अधिक उम्र वाले पुरुषों रो रोजाना 30 ग्राम और महिलाओं को 21 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है। दरअसल, फाइबर वाले आहार खाने से आंतों व में जमा गंदगी साफ होती है। साथ ही इससे शरीर में चर्बी जमा नहीं होती। रोजाना सही मात्रा में फाइबर का सेवन करने से आप कई खतरनाक बीमारियों से बचे रह सकते हैं।

मोटापा और डायबिटीज आज के समय की दो सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याएं हैं. अस्त-व्यस्त जीवनशैली, गलत खानपान इसके प्रमुख कारण हैं लेकिन लाइफस्टाइल और भोजन की आदतों में सुधार करके हम इन समस्याओं से बच सकते हैं. डायबिटीज में ब्लड शुगर का लेवल बहुत बढ़ जाता है जिससे शरीर की इंसुलिन उत्पादन क्षमता प्रभावित होने लगती है. कई बार ऐसा भी होता है कि शरीर सक्रिय रूप से इंसुलिन का इस्तेमाल ही नहीं कर पाता हैं.

Diabetes Kya Hai, डायबिटीज़ कैसे होती है? – डायबिटीज़ के लक्षण और उपाय हिंदी में!पूरी जानकारी
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महिलाओं और पुरुषों दोनों में डायबेटकी चेतावनी का संकेत:

मधुमेह चेतावनी के संकेत और लक्षण हैं जो महिलाओं और पुरुषों दोनों में आम हैं, उदाहरण के लिए:

  • अत्यधिक प्यास और भूख
  • बार-बार पेशाब (मूत्र पथ संक्रमण या गुर्दे की समस्याओं से)
  • वजन कम होना या लाभ
  • थकान
  • चिड़चिड़ापन
  • धुंधली दृष्टि
  • धीमी गति से उपचार घाव
  • मतली मतली
  • त्वचा संक्रमण
  • शरीर क्रीज के क्षेत्रों में त्वचा का काला होना (एकैंथोसिस निग्रिकान)
  • सांस की गंध जो फल, मीठा, या एक एसीटोन गंध है
  • हाथ या पैर में झुनझुनी या सुन्नहोना हाथ या पैर में झुनझुनी या सुन्नहोना

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डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी :

   सभी डायबिटीज(diabetes) को बीमारी मानते हैं पर मशहूर मेडिकल न्यूट्रीशनिस्ट डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी की मानें तो ऐसा बिलकुल नहीं है। वियतनाम, बांग्लादेश, मलेशिया, स्विट्जरलैंड जैसे कई देशों में सेंटर चला रहे डॉ. चौधरी का दावा है कि डायबिटीज(diabetes) कोई बीमारी है ही नहीं। वे इसे सिर्फ एक मेडिकल कंडीशन यानी चिकित्सकीय अवस्था मानते हैं जो जीवनशैली में बदलाव करके ठीक रखी जा सकती है। उनका मानना है कि डायबिटीज हो जाए तो पूरी तरह से दवाइयों पर निर्भर न रहें। शहर में तीन दिन तक लोगों को खाने-पीने की आदतों के बारे में जागरूक करने वाले डॉ. चौधरी ने दैनिक भास्कर से कई मुद्दों पर खास बातचीत की।

    डॉ. चौधरी: डायबिटीज(diabetes) और मोटापे का कोई खास संबंध नहीं, पर मैं फिर से इसे लाइफस्टाइल(lifestyle) के कारण होने वाली समस्या कहूंगा, पर ये वंशानुगत या पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलने वाली नहीं है। मान लीजिए किसी के परिवार में उनके दादा या पड़दादा की मौत डायबिटीज के कारण हुई तो इसका मतलब ये नहीं कि उसे भी डायबिटीज होगी। हां, ये बात जरूर है कि अगर आपकी लाइफस्टाइल खराब है तो इस बात की आशंका ज्यादा हो जाती है कि आप डायबिटीज का शिकार हो जाएं। लाइफस्टाइल में खराबी से ही हार्ट और डायबिटीज(diabetes) जैसी समस्याएं होती है।

Diabetes को कैसे कंट्रोल(control) करे :

 डायबिटीज कंट्रोल(diabetes control)करने के लिए सबसे जरूरी तो ये है कि आप अपने खानपान पर विशेष ध्यान दें और परहेज करें. इसके अलावा कई ऐसे घरेलू उपाय हैं जिनसे आप डायबिटीज को कंट्रोल करके एक सामान्य जीवन जी सकते हैं. तुलसी की पत्त‍ियों में एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. इसके अलावा इसमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पैंक्रियाटिक बीटा सेल्स को इंसुलिन के प्रति सक्रिय बनाती हैं. ये सेल्स इंसुलिन के स्त्राव को बढ़ाती हैं. सुबह उठकर खाली पेट दो से तीन तुलसी की पत्ती चबाएं. आप चाहें तो तुलसी का रस भी पी सकते हैं. इससे ब्लड शुगर लेवल कम होता है.

    व्यायाम – खाने-पीने के अलावा डॉक्टर व्यायाम और योगासन करने की भी राय देते हैं। फिज़िकल एक्टिविटी करने से ब्लड ग्लूकोज़ लेवल संतुलित रहता है और आपका शरीर स्वस्थ रहता है। डॉक्टर, डायबिटीज़ के मरीज़ों को चलने, सुबह की सैर और हल्का-फ़ुल्का व्यायाम करने की राय देते हैं। यह डायबिटीज के इलाज के सबसे आसान तरीके हैं। (4 ) अब इस लेख में हम आपको डायबिटीज़ के कुछ घरेलु उपचार के बारे में बताएंगे, जिनके सेवन से शुगर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

Diabetes कंट्रोल (control) करने के लिए क्या खाये :

डॉक्टर्स के मुताबिक, डायबिटीक पेशेंट को रोजाना करीब 20-35 ग्राम डाइटरी फाइबर लेने की जरूरत होती है। दरअसल, इससे खूब में शुगर लेवल सही रहता है। साथ ही इससे डायबिटीज की आशंका भी कम हो जाती है। उच्च फाइबर वाले फूड्स कैलोरी और फैट में कम में भी मददगार होते हैं। ऐसे फूड्स धीरे-धीरे पचते हैं, जिससे पेट दिनभर भरा-भरा रहता है। इससे आप ओवरइटिंग और एक्स्ट्रा कैलोरी लेने से बच जाते हैं, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।

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किनमें पाया जाता है फाइबर –

 फाइबर से युक्त आहार का रोजाना सेवन करना अच्छी सेहत के लिए बेहद जरूरी है। खासकर शुगर, मोटापा और डायबिटीज के मरीजों को हर दिन फाइबरयुक्त आहार का सेवन करना चाहिए। फाइबर चोकर सहित गेहूं के आटे, हरी पत्तेदार सब्जियों, सेब, पपीता, अंगूर, खीरा, टमाटर, प्याज, छिलके वाली दालों, सलाद, शकरकंद, ईसबगोल की भूसी, दलिया, बेसन और सूजी जैसे खाद्य पदार्थो में पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।

Diabetes कंट्रोल करने के लिए कुछ घर के नुस्खे :

diabetes ke gharelu nuskhe

 1-   सहजन की पत्त‍ियों और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें. इससे शुगर लेवल बढ़ेगा नहीं. जामुन के बीज भी डायबिटीज कंट्रोल करने में फायदेमंद हैं. जामुन के बीजों को अच्छी तरह सुखा लें. सूखने के बाद इन्हें पीसकर एक चूर्ण बना लें. सुबह खाली पेट जामुन के बीजों को गुनगुने पानी के साथ लें. इससे डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद मिलेगी.का

2-  जामुन के बीज भी डायबिटीज कंट्रोल करने में फायदेमंद हैं. जामुन के बीजों को अच्छी तरह सुखा लें. सूखने के बाद इन्हें पीसकर एक चूर्ण बना लें. सुबह खाली पेट जामुन के बीजों को गुनगुने पानी के साथ लें. इससे डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद मिलेगी.

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