15 Unexpected Ways Snacks / Junk Foods Can Make Your Life Better. 15 तरीके जिनसे स्नैक्स (Snacks) आपके जीवन को बेहतर बना सकते हैं।

15 Unexpected Ways Snacks Healthy Junk Foods Can Make Your Life Better. 15 चौंका देने वाले तरीके जिनसे स्नैक्स (Snacks) आपके जीवन को बेहतर बना सकते हैं।
15 Unexpected Ways Snacks Healthy Junk Foods Can Make Your Life Better. 15 चौंका देने वाले तरीके जिनसे स्नैक्स (Snacks) आपके जीवन को बेहतर बना सकते हैं।

स्नैक्स (Snacks/Healthy Junk Foods) का चमत्कार:

Snacks Healthy Junk Foods
15 Unexpected Ways Snacks (Healthy Junk Foods) Can Make Your Life Better. 15 चौंका देने वाले तरीके जिनसे स्नैक्स (Snacks) आपके जीवन को बेहतर बना सकते हैं।

मुख्य भोजन के बीच मे स्नैक्स (Snacks/Healthy Junk Foods)) खाना हमारे जीवन जीने का एक तरीका बन गया है । स्नैक्स (Snacks) वह चीज़ होती है जो आप किसी मीटिंग के लिए जाते हुए, मित्र से मिलने जाते समय, exercise करने के बाद, homework करते समय, टीवी (T.V.) देखते हुए, चाय या कॉफी (Coffee) पीते हुए या जब खाने का मन हो तब खाने लगते है। और जैसी की आम धारणा है, स्नैक्स (Snacks) खाना सेहत (Health) के लिए खराब नहीं होता है।

वस्तुतः स्नैक्स (Snacks) हमे अगले भोजन के समय तक ऊर्जा प्रदान करते है। दिन भर इनसे हमारे अंदर ताकत (Energy) बनी रहती है और ये खाने के समय हमे ज्यादा खाने व मोटा होने से रोकते है। यह हमारे दिमाग (Brain) को हर समय सजग (active) बनाए रखते है। न्यूट्रिशन एक्सपेर्ट (Nutrition Expert) हम सबको तीन समय के खाने के अलावा पोष्टिक स्नैक्स (Snacks) खाने की सलाह देते है। जो लोग एक साथ बहुत अधिक मात्र मे खाना नहीं खा सकते, जैसे की बच्चे व बुजुर्ग, उन्हे भी कुछ कुछ देर बाद थोड़ी थोड़ी मात्र मे खाना सुविधाजनक लगता है।

वज़न (Weight) पर नियंत्रण (Control) रखनेवालों ने पाया है की अगर वे मुख्य भोजन (Main Foods) के बीच मे थोड़ी मात्र मे संतुलित स्नैक्स (Snacks)  लेते है तो उन्हे बहुत फायेदा होता है। दूसरी ओर, किशोरों और दूध पिलनेवाली माताओं को हर समय भोक लगती है, क्योकि पोषण के लिए उनके शरीर की जरूरते अत्यधिक होती है। कम मात्र में लिया गया पौष्टिक भोजन (Healthy Foods) व स्नैक्स (Snacks) उनकी भूख को शांत करने का सबसे उत्तम माध्यम है।

लेकिन आप जो भी खाते है, उस पर ध्यान देना जरूरी है। आमतौर पर खाय जानेवाले स्नैक्स (Snacks) समोसा , पकौड़ा, फ्रेंच फ्राइस, मिठाई, बिस्कुट, सीएचपीएस, नमकी, कोल्ड ड्रिंक्स , चॉकलेट आदि मे फैट (fat), चीनी या सोडियम (Sodium) बहुत अधिक मात्र मे होते है। अगर आप अक्सर इन पदार्थो का सेवन करते है, तो वे आसानी से स्वास्थ को प्रभावित (Affect) कर सकते है। याद रखें, स्नैक्स (Snacks) तभी स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव नहीं डालते, जब आप सही ढंग से उनका चयन करते हैं।

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स्नैक्स ((Snacks/Healthy Junk Foods)) का ‘जंक फूड (Junk Foods)’ होना जरूरी नहीं है। :

जंक फूड (Junk Foods) मे चीनी (Sugar) और फैट (fat) के साथ साथ बहुत कम मात्रा मे ही पोषक तत्व होते हैं। स्नैक्स (Snacks) खाना जीवनशैली का एक हिस्सा बन सकता है, अगर आप ऐसे स्नैक्स (Snacks) चुने जिनमे फाइबर (Fiber) अधिक मात्र मे हो, पर फैट (Fat), चीनी (Sugar) व नमक (Salt) कम मात्रा मे हो। वस्तुतः पोषक तत्वो को प्राप्त करने का सबसे उत्तम माध्यम है।

   बच्चों को पौष्टिक तत्वो से भरपूर स्नैक्स (Snacks) से बहुत फायेदा होता है। छोटे बच्चों की व्यस्त जीवनशैली मे स्नैक्स (Snacks) बहुत जरूरी होते है क्योंकि उन्हे सक्रिय (Energetic) बने रहने के लिए ऊर्जा (Enery) की आवश्यकता होती है।

स्नैक्स (Snacks) बच्चों के लिए फायदेमंद होते हैं।

स्नैक्स (Snacks) बच्चों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हो सकते हैं। जब बच्चे बौट अधिक भूखे होते हैं तो अक्सर वे चिड़चिड़े हो जाते है या काम पर ध्यान नहीं लगा पते है। हेल्दी स्नैक्स (Healthy Snacks) भोजन के बीच के समय को भरने के लिए एक पल का काम करते हैं।

   बच्चे बहुत एक्टिव (Active) होते है और उन्हे लगातार ऊर्जा की जरूरत होती है – भागने, खेलने , स्कूल के लंबे समय तक रहने से उनकी ऊर्जा खर्च हो जाती है। उनके पेट छोटे होते हैं और वे खाते के समय कभी भी पर्याप्त भोजन नहीं खाते हैं। स्नैक्स (Snacks) अपर्याप्त भोजन की पूर्ति आसानी से कर देते है ताकि बच्चों को विकास व व्रद्धि (Growth) के लिए आवश्यक सारे पोषण (Nutrition) तत्व मिल सके।

बच्चों को हेल्दी स्नैक्स (Healthy snacks) पसंद आएं, इसके लिए भोजन बनाने की तैयारी व ख़रीदारी मे उन्हें भी शामिल करें, उनकी राय लें। कई स्नैक्स (Snacks) बनाने मे बहुत आसान होते हैं और बच्चे उन्हें खुद भी बना सकते हैं। इने जीवन भर खाने की स्वस्थ आदतों को अपनाने व कायम रखने मे भी मदद मिलती है।

मुख्य भोजन (Main Foods) के समय मे स्नैक्स (Snacks) न दें। बच्चों को सारा दिन स्नैक्स (Snacks) ही न खाने दें। इस तरह से खाने के समय उन्हे कभी भी भूख नहीं लगेगी। बच्चों के लिए सुबह, दोपहर व शाम को स्नैक्स (Snacks) खाना ठीक है।

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15 Unexpected Ways Snacks (Healthy Junk Foods) Can Make Your Life Better. 15 चौंका देने वाले तरीके जिनसे स्नैक्स (Snacks) आपके जीवन को बेहतर बना सकते हैं।
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स्नैक्स (Snacks) लेने / खाने के नियम :

याद रखें, अगर आपको भूख नहीं लगी है तो स्नैक्स (Snacks) खाने की कोई जरूरत नहीं है। कुछ लोगो को पूरे दिन मे एक या दो स्नैक्स (Snacks) की ही जरूरत पड़ती है। स्नैक्स (Snacks) कब लिए जाएँ, इसके लिए कुछ बुनियादी नियम :

  1. उत्तम स्नैक्स (Snacks) से लगभग 250 कैलोरीज़ (Calories) मिलती चाहिए।
  2. जो हेल्दी स्नैक्स (healthy Snacks) बहुत ज्यादा कुरकुरे होते है उनमें अधिक मात्रा मे प्रोटीन (Protien) व मिश्रित कार्बोहाइड्राटे (Mix Carbohidrates) होते हैं, पर चीनी (Sugar), नमक , आदि कम मात्रा मे होते हैं। कम वसा साले दूध से बने उत्पाद, दालें, अंकुरित अनाज (Sprout Beans), सबूत अनाज , ताजे फल (Fresh Fruits), कच्ची सब्जियाँ व मेवों से एक हेल्दी स्नैक्स (Healthy Snacks) तैयार किया जा सकता है। दूसरी ओर जिन पदार्थो में अत्यधिक मात्रा मे चीनी (Sugar) होती है, जैसे कैंडी (Candy), चॉक्लेट (Chocolate), कोल्ड ड्रिंक्स (Cold Drinks), मिठाई आदि, इन्हे खाने से मूड मे बदलाव आने के साथ साथ वज़न भी बढ़ता है।
  3. स्नैक्स (Snacks)  की मात्रा कम रखें। केला, सेब, व संतरे जैसे फल एक बार मे खाएं जा सकते हैं। मूठी भर बादाम मे 164 calories होती है, लेकिन अगर आप उन्हे लगातार खाते रहते है तो calories की मात्रा 800 से अधिक पहुँच सकती है। स्नैक्स (Snacks)  हमेशा एक हे बार लेनेवाली पैकिंग मे रखें जिससे आप अधिक न खा सकें।    
  4. पहले ही योजना बनाएँ : पौष्टिक स्नैक्स (Snacks)  (भुने हुए चने, मेवे, सबूत अनाज के बिस्कुट आदि) हमेशा अपने पास रखें-पर्स में, ट्रैवल बैग में, ऑफिस के डेस्क आदि मे उन्हें रख सकते है।
  5. समझदारी से ख़रीदारी करें। तैयार स्नैक्स (Snacks) से जुड़े स्वास्थ्य के दावों के प्रति सावधान रहें। ‘शुद्ध’ या ‘प्रक्रतिक’ का अर्थ यह नहीं है की वे पोषक ही हों। जैसे की, 100% जूस मे चीनी (Sugar) भरी हो सकती है और उनसे आपको थोड़ा स ही पोषण मिले। ख़रीदारी से पहले लेबल को सावधानीपूर्ण पढ़ें।

स्मार्ट स्नैक्स (Smart Snacks/Healthy Junk Foods))

साबुत अनाज के बिस्कुट, फल, मलाई रहित दूध के उत्पाद, साबुत अनाज की ब्रेड (Bred) के सैंडविच, पनि निकला दहि (Curd), सोया मिल्क, फल, सब्जियाँ के साथ सलाद व बहुत कम वसायुक्त कौटेज चीज़ (Cottage Cheeze) के साथ कम चिनिवाले दहि , अंकुरित (Ankurit) सलाद

न खानेवाले स्नैक्स (Snacks)   

चॉक्लेट, कैंडी, मिठाई, पेस्ट्री, कुकीज़ / मीठे बिस्कुट, ब्राउनी, फास्ट फूड्स , पकौड़ा,समोसा, चाट, आलू चिप्स, नमकीन, फ्रेंच फ्राइज, नमकीन मेवे, मक्खन वाले पॉप्कॉर्न , ताला हुआ चिकेन , पेय पदार्थ, आइस क्रीम , बहुत ज्यादा चीनी (Sugar) वाले जूस, नूडल्स, आदि।

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सही ढंग से स्नैक्स (Snacks/Healthy Junk Foods) खाने के टिप्स (Tips) :

  1. मुख्य भोजन (Main Foods) के बीच मे स्नैक्स (Snacks)  खाएँ, भोजन से पहले नहीं।
  2. पूरे दिन स्नैक्स (Snacks) न खाते रहें। एक बार सुबह 10-11 बजे व शाम को 5-6 बजे स्नैक्स (Snacks)  खाएँ। शाम को समोसा, जलेबी, ब्रेडपकोड़ा आदि जैसे नुकसानदेह स्नैक्स (Snacks) न लें। मुख्य भोजन (Main Foods)स्नैक्स (Snacks) के बीच 2 से 3 घंटे का अंतर रखें।
  3. आप बोर हो रहे हैं, टीवी देख रहे हैं या अपना काम खतम करने के लिए खुद को इनाम देने के रूप मे स्नैक्स (Snacks)  न खाएँ।
  4. कम मात्रा मे स्नैक्स (Snacks) खाएँ।
  5. दाँत खराब न हों, इसके लिए स्नैक्स (Snacks) खाने के बाद कुल्ला करें।
  6. टीवी देखने, धूप मे बैठने, मेहमानो का इंतेजार करने, होमवर्क करने, आदि करने जैसी गतिविधियों से स्नैक्स (Snacks) को न जोड़ें।
  7. जब भी स्नैक्स (Snacks) खाने का मन हो, एक गिलास ठंडा पानी पी लें। इससे स्नैक्स (Snacks) खाने की इच्छा खतम हो जाएगी।
  8. न खाने वाले स्नैक्स (Snacks) कम खरीदे, कम खाएँ।
  9. हेल्दी (healthy) स्नैक्स (Snacks) पहले से ही तैयार करके रखें। भुने हुए चने, कम नमकवाले नमकीन, खखरा आदि घर मे रखें। फ्रिज मे करे हुए फल व सब्जियाँ रखें ताकि उन्हें तुरंत खाया जा सके।
  10. जब भी संभव हो, घर मे ही स्नैक्स (Snacks) बनाएँ। जब आप स्वयं स्नैक्स (Snacks) तैयार करती हैं, यहाँ तक की तली हुई नमकीन भी तो कितनी चीज़ डालनी है और आपकी सेहत के लिए क्या अच्छा है, यह तय करना आपके हाथ मे होता है।        
  11. फ्रिज व अलमारी मे स्नैक्स (Snacks) की अलग जगह बनाएँ। वहाँ तुरंत खाएं जानेवाले स्नैक्स (Snacks) रखें।

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किसी भी मूड के लिए हेल्दी स्नैक्स (Snacks) :

प्यास लगने पर- ठंडा मलाई रहित दूध, नींबू पानी, करी पत्ते के साथ सदी या नमकीन लस्सी, सब्जियाँ का ठंडा जूस, फीका फ्रूट जूस ( सेब, अंगूर व संतरे का )।

तरावट के लिए दहि व आपके पसंदीदा फल से तैयार फ्रूट स्मूदी (थोड़ा- सा वनीला, इलायची व जायफल मिला लें), फल युक्त कस्टर्ड।

कुरमुरा सादे या भुने हुए मेवे, योगर्ट डिप के साथ, कच्ची सब्जियाँ (गाजर, खीरा, बंदगोभी, ब्रोकली, जुकीनी व सलाद के पत्ते), सेब, मकई, मक्खन रहित पॉप्कॉर्न, गेहूँ से बनी नमकीन या चने के आटे से बने भुने नमकीन।

रसदार- बेरी, अंगूर, शफ़तालु, संतरा, आड़ु, आलूबुखारा, तरबूज, नाशपाती, टमाटर जैसे ताजे फल।

जब सचमुच भूख लगी हो- उबला अंडा, सब्जी या चिकन के भरावन के साथ साबुत अनाज की ब्रेड, दूध के साथ भुने साबुत गेहूँ या कोर्नफ्लक्स (cornflakes) या ओटमील (Oat mil), लो फैट चीज़ के साथ क्रैकर्स, सब्जी के साथ घर की बनी मटठी।

इसलिए अब जब आप स्नैक्स (Snacks) खाएँ, अपराधबोध महसूस न करें। संतुलित मात्रा व सही ढंग से चयन करने से स्नैक्स (Snacks) अहार से सुधार ल सकते हैं। विशेष चीज़ के रूप मे खाने के बजाय स्नैक्स (Snacks) को भोजन की तरह समझें। इसलिए स्नैक्स (Snacks) का भरपूर स्वाद लें, पर पूरी सावधानी बरतते हुए।

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